रांची: झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की 2.31 करोड़ रुपये की पुल निर्माण योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ प्रखंड के हातीबाड़ी गांव के लिए स्वीकृत पुल का निर्माण पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले की सीमा में कर दिया गया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सियासी तूल पकड़ चुका है।
इस पूरे मामले पर झारखंड सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण विकास विभाग ने हातीबाड़ी गांव के लिए पुल निर्माण की डीपीआर तैयार की थी, लेकिन निर्माण कार्य पश्चिम बंगाल की सीमा में स्थित सूरीनाला नदी पर कराया गया। इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। झारखंड के सरकारी फंड से दूसरे राज्य में पुल निर्माण को लेकर व्यापक जांच और जवाबदेही की मांग की जा रही है। अब सभी की नजर सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है।