गया: गणपति उत्सव को लेकर देशभर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बिहार के गया में भी गणपति बप्पा का भव्य स्वागत किया गया है। खास बात यह है कि यहां स्थापित होने वाली गणपति बप्पा की प्रतिमा करीब 1700 किलोमीटर दूर मुंबई से ट्रेन के जरिए गया पहुंची है। पिछले कई वर्षों से मुंबई से गणपति बप्पा की प्रतिमा लाकर पूजा करने वाले देवोत्तम कुमार इस बार भी अनोखी प्रतिमा लेकर पहुंचे हैं।
देवोत्तम कुमार वर्ष 2017 से लगातार मुंबई से गणपति बप्पा की प्रतिमा ट्रेन के जरिए गया ला रहे हैं। शुरुआती वर्षों में प्रतिमा का आकार छोटा था, इसलिए उसे ट्रेन की बर्थ रिजर्व कर लाया जाता था। लेकिन अब प्रतिमा का आकार बढ़ने के कारण इस बार इसे मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस के पार्सल वैन के जरिए गया लाया गया है। प्रतिमा को लाने में करीब 4500 रुपये का किराया लगा।
गोल्डन पगड़ी और आसन पर विराजमान हैं बप्पा
इस बार मुंबई से लाई गई गणपति बप्पा की प्रतिमा करीब 4.5 फीट ऊंची है। सुनहरे रंग की यह प्रतिमा बेहद आकर्षक है। बप्पा के सिर पर गोल्डन रंग की पगड़ी है और वे आसन पर विराजमान मुद्रा में हैं।
देवोत्तम कुमार के मुताबिक, प्रतिमा का चयन वे खुद मुंबई जाकर करते हैं। वे लालबाग के राजा समेत मुंबई के अलग-अलग इलाकों और बाजारों में प्रतिमाएं देखते हैं। कई दुकानों पर प्रतिमाएं देखने के बाद जो प्रतिमा उन्हें पसंद आती है, उसे ही गया लाया जाता है।
2017 में शुरू हुई थी गणपति पूजा
गया के पावरगंज बैरागी इलाके के रहने वाले व्यवसायी देवोत्तम कुमार ने वर्ष 2017 में पहली बार गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की थी। उस समय उनके प्रतिष्ठान का शुभारंभ होना था और गणेश चतुर्थी भी नजदीक थी। इसी दौरान उन्होंने गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने हर साल गणपति उत्सव मनाने का संकल्प लिया। देखते ही देखते यह आयोजन अब इलाके में आकर्षण का केंद्र बन गया है और दूर-दूर से लोग बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
हर साल बढ़ती गई बप्पा की प्रतिमा की ऊंचाई
देवोत्तम कुमार ने वर्ष 2017 में करीब सवा दो फीट की गणपति प्रतिमा से शुरुआत की थी। इसके बाद हर साल प्रतिमा की ऊंचाई में करीब 0.25 फीट की बढ़ोतरी होती गई। इस वर्ष बप्पा की प्रतिमा की ऊंचाई बढ़कर 4.5 फीट हो गई है।
उनका कहना है कि गणपति बप्पा की प्रतिमा उनके लिए सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। इसलिए प्रतिमा की कीमत से ज्यादा उनके लिए उसका भाव और पसंद मायने रखता है।
56 भोग से शुरुआत, अब 956 व्यंजनों का महाभोग
गणपति बप्पा के भोग में भी हर साल बढ़ोतरी की जाती है। वर्ष 2017 में 56 व्यंजनों के भोग से शुरुआत हुई थी। इसके बाद हर साल भोग में 100 व्यंजन बढ़ाए जाते रहे।
इस बार 20 सितंबर को गणपति बप्पा को 956 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग लगाया जाएगा। इस आयोजन में स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जाता है। भोग की तैयारी के लिए पहले से लोगों को व्यंजनों की सूची दी जाती है और सभी अपनी भागीदारी निभाते हैं।
देवोत्तम कुमार की इस अनोखी भक्ति और मुंबई से हर साल गया तक गणपति बप्पा को लाने की परंपरा ने गणपति उत्सव को खास बना दिया है। अब लोगों को 20 सितंबर को होने वाले 956 व्यंजनों के महाभोग का इंतजार है।