रांची: झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने सोमवार को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों के आंदोलन, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। प्रेस वार्ता में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक प्रदीप यादव भी मौजूद रहे।

छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का समर्थन
के. राजू ने कहा कि झारखंड समेत देशभर में छात्रों की जायज मांगों को लेकर कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी है और छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस प्रशासन को किसी भी तरह की हिंसा नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी छात्रों की आवाज को ‘गूंज’ कार्यक्रम के जरिए उठाने का काम कर रहे हैं। के. राजू ने दावा किया कि झारखंड में आंदोलनरत छात्रों के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भी लिखा है।
SIR पर कांग्रेस ने जताई चिंता
मतदाता सूची के SIR को लेकर प्रदेश प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को गंभीरता से देख रही है। पार्टी ने बूथ लेवल एजेंट यानी BLA नियुक्त किए हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया है।
के. राजू ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि किसी भी मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि SIR को लेकर पार्टी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

आदिवासी मतदाताओं को लेकर चिंता
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और डॉ. इरफान अंसारी ने भी छात्रों और SIR से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि जानकारी के मुताबिक झारखंड की आदिवासी आबादी के एक बड़े हिस्से ने अभी तक गणना प्रपत्र नहीं भरा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से ऐसे मतदाताओं के लिए विशेष पहल करने की मांग की, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो।
छात्रों से वार्ता के पक्ष में कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार की सहयोगी पार्टी और छात्रों से बातचीत के लिए बनाए गए प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होने के नाते कांग्रेस चाहती है कि छात्रों की जायज मांगों का समाधान निकले और आंदोलन समाप्त हो।
कांग्रेस का संदेश साफ है—छात्रों की मांगों पर बातचीत हो, शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो और किसी भी मतदाता का अधिकार न छीना जाए।