पटना: बिहार सरकार राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत हर साल एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने के साथ राज्य में डिजिटल कौशल, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद संबंधित विभागों को एआई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए एक विशेष टीम बनाने पर भी जोर दिया गया है।
हर साल एक लाख युवाओं को AI प्रशिक्षण
बिहार सरकार की योजना के मुताबिक, अगले पांच सालों में कुल पांच लाख युवाओं को एआई से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। यानी प्रत्येक वर्ष एक लाख युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल आज शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और डिजिटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को इस तकनीक की जानकारी देकर उन्हें भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना योजना का प्रमुख उद्देश्य है। हालांकि, प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम, चयन प्रक्रिया और आवेदन की समय-सीमा जैसी विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
बिहार में AI कंपनियों और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में एआई कंपनियों, स्टार्टअप और डिजिटल उद्यमों के लिए बेहतर अवसर विकसित करने पर जोर दिया है। सरकार का लक्ष्य राज्य को नई तकनीक और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम करना है।
इसके लिए जरूरी तकनीकी सुविधाओं को विकसित करने और सरकार के नेतृत्व में संचालित होने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की योजना है। इससे राज्य में तकनीक आधारित उद्यमों के विकास और युवाओं के कौशल को नए अवसरों से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
हर साल होगा बड़ा AI कार्यक्रम
युवाओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने के लिए बिहार में अगले पांच वर्षों तक हर साल एक बड़े एआई कार्यक्रम के आयोजन की योजना भी बनाई गई है।
इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, कंपनियों, स्टार्टअप और विद्यार्थियों को शामिल करने का उद्देश्य है। यहां एआई से जुड़ी नई तकनीकों, अनुभवों और नवाचारों को साझा करने का अवसर मिलेगा।
सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया है। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना और पात्र लाभार्थियों तक समय पर जानकारी पहुंचाना है।
इसके साथ ही विकास कार्यों, विधि-व्यवस्था और जनहित से जुड़े मामलों की निगरानी तथा भ्रामक खबरों पर कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय करने की दिशा में काम करने को कहा गया है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार की इस पहल में युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने, तकनीकी उद्यमों को प्रोत्साहित करने और राज्य में नवाचार का माहौल विकसित करने पर जोर है। अब इस योजना के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और युवाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार रहेगा।