Shikhar Samvad

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रांची के पूजा पंडालों में देश दुनिया के मंदिरों के दर्शन अमेरिका से वाराणसी तक की दिख रही झलक…

रांची: दुर्गापूजा के मौके पर राजधानी रांची के पूजा पंडाल इस बार सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बने हैं, बल्कि देश-दुनिया की प्रसिद्ध मंदिर स्थापत्य कला की झलक भी दिखा रहे हैं। अमेरिका से लेकर वाराणसी और गुजरात से तमिलनाडु तक के प्रसिद्ध मंदिरों की थीम पर शहर में भव्य पंडाल तैयार किये गये हैं।

दुर्गापूजा को लेकर रांची में उत्साह चरम पर है। शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। अलग-अलग पूजा समितियों ने इस बार पंडालों के निर्माण में देश-विदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों, पारंपरिक कलाओं और ऐतिहासिक स्थापत्य को आधार बनाया है। कहीं दक्षिण भारतीय मंदिरों की भव्यता नजर आ रही है, तो कहीं राजस्थानी कला, बौद्ध संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को पंडाल के जरिए प्रदर्शित किया गया है।

बकरी बाजार में दिख रही वृहदेश्वर मंदिर की भव्यता

अपर बाजार के बकरी बाजार स्थित भारतीय युवक संघ के पूजा पंडाल में तमिलनाडु के तंजावुर स्थित प्रसिद्ध वृहदेश्वर मंदिर की प्रतिकृति तैयार की गयी है। पंडाल में दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला की बारीक झलक देखने को मिल रही है।

प्रवेश द्वार के ऊपर भगवान भोलेनाथ और नंदी की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। पंडाल की बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी गयी हैं। अंदर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है।

मोरहाबादी में स्वर्णिम लक्ष्मी नारायण मंदिर की झलक

मोरहाबादी स्थित गीतांजलि क्लब के पूजा पंडाल में वेल्लोर के स्वर्णिम लक्ष्मी नारायण मंदिर को थीम बनाया गया है। मंदिर की सुनहरी आभा को पंडाल में उतारने का प्रयास किया गया है।

मंदिर महालक्ष्मी को समर्पित है और इसकी सबसे खास विशेषता सोने की परत से सजी संरचना है। रांची के पंडाल में भी इसी भव्यता को आकर्षक सजावट के साथ प्रस्तुत किया गया है।

हरमू में दिख रही राजस्थानी स्थापत्य कला

हरमू कॉलोनी के पंच मंदिर दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में राजस्थान की पारंपरिक कला और स्थापत्य शैली देखने को मिल रही है। पंडाल को प्राचीन राजस्थानी मंदिर की कल्पना के आधार पर तैयार किया गया है।

गोल पिलर, पारंपरिक सजावट और मंदिर की संरचना श्रद्धालुओं को राजस्थान की कला-संस्कृति का अनुभव करा रही है।

जिला स्कूल में वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर का प्रारूप

शहीद चौक स्थित जिला स्कूल परिसर में रामलला दुर्गा पूजा समिति ने वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर की थीम पर पंडाल तैयार किया है। वाराणसी नहीं जा पाने वाले श्रद्धालु रांची में ही इस भव्य मंदिर की झलक देख सकते हैं।

पंडाल में मंदिर की विशाल संरचना को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। स्वर्वेद महामंदिर वाराणसी के उमरहा में स्थित है और इसका संबंध विहंगम योग परंपरा से है।

रातू रोड में अमेरिका के टेंपल ऑफ टुगेदर की थीम

रातू रोड स्थित आरआर स्पोर्टिंग क्लब के पूजा पंडाल में अमेरिका के नेवादा स्थित टेंपल ऑफ टुगेदर की थीम देखने को मिल रही है। पंडाल के जरिए सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और वैश्विक भाईचारे का संदेश देने की कोशिश की गयी है।

पंडाल की बनावट में बारीक नक्काशी और पारंपरिक शैली का इस्तेमाल किया गया है। पर्यावरण अनुकूल सामग्री से तैयार पंडाल की विद्युत सज्जा भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।

मेन रोड में द्वारिकाधीश मंदिर की झलक

मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर की थीम पर भव्य पंडाल बनाया है। करीब 120 फीट ऊंचे और 100 फीट चौड़े इस पंडाल की विशाल संरचना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

पंडाल की सजावट और मंदिर की स्थापत्य शैली को बारीकी से उतारने का प्रयास किया गया है।

हटिया स्टेशन में बौद्ध संस्कृति की झलक

हटिया स्टेशन दुर्गा पूजा समिति ने इस बार थाइलैंड के बौद्ध मंदिर की थीम पर पंडाल तैयार किया है। पंडाल में बौद्ध संस्कृति और मंदिरों की स्थापत्य शैली को प्रमुखता दी गयी है।

बच्चों के साथ पूजा घूमने पहुंच रहे लोगों के लिए भी यह पंडाल खास आकर्षण बना हुआ है।

गाड़ीखाना में हरिद्वार के शिव शक्ति गंगा मंदिर का स्वरूप

रातू रोड के गाड़ीखाना स्थित शक्ति स्रोत संघ के पूजा पंडाल में हरिद्वार के शिव शक्ति गंगा स्वर्ण मंदिर की थीम देखने को मिल रही है। सीमित जगह में मंदिर की भव्य संरचना को उतारने के लिए बारीकी से सजावट की गयी है।पंडाल की आकर्षक रोशनी और मंदिर की शैली श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है।

रांची में ही हो रहा देश-दुनिया की कला का दीदार

इस बार रांची के पूजा पंडालों ने दुर्गापूजा के उत्सव को एक अलग रंग दिया है। अलग-अलग थीम के जरिए श्रद्धालुओं को एक ही शहर में देश और दुनिया के प्रसिद्ध मंदिरों, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है। यही वजह है कि शाम होते ही इन पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है और पूरा शहर पूजा के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

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