पटना: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बिहार में मौसम बदलने की आशंका है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को पटना समेत 13 जिलों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 29 और 30 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम का यह मिजाज 1 नवंबर तक बना रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।
पटना समेत 13 जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को पटना के अलावा जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, बांका और भागलपुर में बारिश हो सकती है।
इन जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
29 और 30 अक्टूबर को पूरे बिहार में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को बिहार के सभी जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी आशंका है। मौसम की स्थिति के अनुसार अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।
लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बिहार के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे पेड़ों की डालियां टूटने, बिजली के तारों को नुकसान पहुंचने और कमजोर मकानों पर असर पड़ने की आशंका है।
राजधानी पटना में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश की स्थिति में शहर के निचले इलाकों में जलजमाव और यातायात संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान का प्रभाव तटीय क्षेत्रों के बाद बिहार के मौसम पर भी पड़ सकता है। तूफान के तट पार करने के बाद इसके प्रभाव से राज्य में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव अलग हो सकता है। लोगों को अपने जिले के लिए जारी मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह
बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों तथा बागवानी को नुकसान पहुंच सकता है। केले, पपीते, सहजन और आम के पेड़ों पर तेज हवाओं का असर पड़ने की आशंका है।
किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जलजमाव रोकने के लिए जलनिकासी की व्यवस्था करें। इससे बारिश के कारण फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
खराब मौसम में बरतें सावधानी
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में खड़े होने से बचें और बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें। तेज हवा और बारिश के दौरान कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
अगले कुछ दिनों में बिहार में मौसम की स्थिति बदल सकती है। ऐसे में घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखना और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।