भुवनेश्वर: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के लैंडफॉल के बाद ओडिशा में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है।
राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर प्रभावित और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, अब तक करीब 1 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में असर
चक्रवात का प्रभाव दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। इनमें मलकानगिरी, गजपति, गंजाम, कोरापुट, नबरंगपुर और रायगडा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
राज्य प्रशासन इन जिलों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हालात पर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और संभावित नुकसान को कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल राज्य में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। सरकार के मुताबिक, चक्रवात का प्रभाव गुरुवार के बाद धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।
4 जिलों में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगडा और नबरंगपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है।
29 अक्टूबर के बाद कम हो सकता है असर
चक्रवात अर्नब के 28 और 29 अक्टूबर को उत्तर दिशा की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही, लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।