पटना, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ये आरोप तथ्यहीन और बेबुनियाद हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार में SIR की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि बिहार में 24 जून 2025 से 25 जुलाई 2025 तक SIR की प्रक्रिया चली। इस दौरान मतदाता सूची में शामिल नामों का सत्यापन किया गया। मृत व्यक्तियों, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों का भी सत्यापन किया गया।
दावे-आपत्ति के लिए पूरी प्रक्रिया उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों की पात्रता को लेकर कोई समस्या थी, उनके लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की पूरी व्यवस्था उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराई थी, ताकि वर्तमान SIR में पात्र मतदाता अपने पुराने विवरण का सत्यापन कर सकें।
उन्होंने कहा कि 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल में भी SIR हुआ था, जबकि वर्ष 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी यह प्रक्रिया कराई गई। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर SIR के नाम पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
आधार कार्ड को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
सम्राट चौधरी ने कहा कि निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर मतदाता विवरण का सत्यापन किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद आधार कार्ड को पहचान संबंधी दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि आधार पहचान स्थापित करने का दस्तावेज है, नागरिकता का प्रमाण नहीं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा SIR को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग संबंधित मामलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका महत्वपूर्ण संस्थाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है या किसी वास्तविक शिकायत का मामला है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधी शिकायतों के लिए निर्वाचन आयोग के साथ न्यायिक व्यवस्था भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक है और अपने मताधिकार के जरिए प्रतिनिधियों का चयन करती है। राजनीतिक दलों को जनहित के मुद्दों के साथ जनता के बीच जाना चाहिए और अपनी बात तथ्य एवं प्रमाण के आधार पर रखनी चाहिए।
पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति तेज होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने आवास निर्माण समेत कई विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया।