पटना: बिहार में चीनी उद्योग को नई रफ्तार देने और गन्ना किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की 9 बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की कार्ययोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसानों को बेहतर बाजार मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने विभागीय योजनाओं, गन्ना उत्पादन, चीनी मिलों की स्थिति और बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः संचालित करने और नई इकाइयों की स्थापना की योजना की जानकारी भी साझा की।
मुख्यमंत्री ने रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी जैसी बंद चीनी मिलों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि किसानों और युवाओं को भी सीधा लाभ होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने, निवेशकों को प्रोत्साहन देने और चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही गन्ना उत्पादकता बढ़ाने, किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।