गुवाहाटी: असम की राजनीति में शुक्रवार का दिन अहम रहने वाला है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। इस कैबिनेट विस्तार में तीन नए चेहरों समेत कुल 12 मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वयं इसकी जानकारी देते हुए कहा कि विस्तार के बाद राज्य सरकार को और अधिक प्रशासनिक मजबूती मिलेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सहित असम कैबिनेट में कुल 17 सदस्य हो जाएंगे। हालांकि, इसके बावजूद मंत्रिपरिषद में दो पद रिक्त रहेंगे। इससे पहले 12 मई को भी चार मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
तीन नए चेहरों को मिलेगा अवसर
भाजपा ने इस बार संगठन और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए तीन नए नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह देने का फैसला किया है। इनमें अश्विनी राय सरकार, नीलिमा देवी और सुशांत बरगोहाई के नाम प्रमुख हैं। वहीं सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केशब महंत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा असम विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार आगामी चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
विभागों में फेरबदल के संकेत
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने और विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से विभागों का पुनर्गठन कर सकती है।
चुनावी और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक गलियारों में इस विस्तार को सरकार की रणनीतिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके जरिए क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने के साथ-साथ संगठन को भी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है।