रांची: NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में सियासत गरम है। इसी बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर हेमंत सरकार को घेरते हुए 14वीं JPSC परीक्षा रद्द कर CBI जांच कराने की मांग की।

रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि देश में कुछ राजनीतिक दल NEET के मुद्दे पर आंदोलन और राजनीति कर रहे हैं, लेकिन झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों पर सत्ता पक्ष पूरी तरह खामोश है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य सरकार से इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की जा रही।
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का काम कर रही है। उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हुई अभ्यर्थियों की मौत का भी जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 14वीं JPSC परीक्षा एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL से कराई गई। उन्होंने मांग की कि 14वीं JPSC परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए और पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़े कानून बनाए हैं, जिनमें 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार के पास पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
फिलहाल JPSC और भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में सियासत लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार जांच और कार्रवाई की बात कह रही है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या राजनीतिक और प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं।