पटना,
बिहार में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक में प्राकृतिक और पर्वतीय क्षेत्रों में ईको टूरिज्म तथा सोलराइजेशन परियोजनाओं को PPP (Public-Private Partnership) मोड पर विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बांका के ओढ़नी डैम, मुंगेर के खड़गपुर डैम, नवादा के ताराकोल डैम और मुंगेर के जालकुंड डैम के आसपास पर्यटकीय सुविधाओं के विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया। खड़गपुर डैम के पास ईको टूरिज्म के लिए जरूरी आधारभूत संरचना विकसित करने और पर्यटकों के आकर्षण के लिए ग्लास रूम बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने खगड़िया के कसरैया धार को ईको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां सरकारी जमीन पर्याप्त नहीं है, वहां जरूरत के अनुसार भूमि क्रय या अधिग्रहण कर PPP मोड पर योजनाएं विकसित की जाएं।
पहाड़ी क्षेत्रों में रोप-वे और सोलराइजेशन पर जोर
मुख्यमंत्री ने पहाड़ी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ईको टूरिज्म के विकास के दौरान पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ सामग्री के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने बांस, लकड़ी जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की बात कही।
जहां पर्यटन की दृष्टि से जरूरत हो, वहां रोप-वे निर्माण की दिशा में भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में सोलराइजेशन कर ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
जलाशयों के आसपास होगा बड़े पैमाने पर पौधारोपण
मुख्यमंत्री ने राज्य के बड़े तालाबों और जलाशयों के चारों ओर व्यापक स्तर पर पौधारोपण जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के हरित आवरण क्षेत्र को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी योजनाओं में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण का संरक्षण करते हुए पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले।