रांची : आगामी मोहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री से शांति समिति और अखाड़ा समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया, गुरुनानक समिति, विभिन्न अखाड़ा समितियों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान अखाड़ा समिति के सदस्यों ने उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित भी किया।
रांची की पहचान भाईचारे और सामाजिक समरसता से : उपायुक्त
मौके पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि रांची की पहचान हमेशा से आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए रही है। उन्होंने सभी आयोजन समितियों और अखाड़ा समितियों से पारंपरिक तरीके से मोहर्रम मनाने तथा शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक सूचना या उकसावे वाली गतिविधियों से दूर रहना बेहद जरूरी है। सभी लोगों को जिम्मेदारी के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर दिए गए सुझाव
बैठक के दौरान मोहर्रम जुलूस और अन्य कार्यक्रमों के दौरान आवश्यक सुविधाओं को लेकर समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव भी प्रशासन के समक्ष रखे। इस पर उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा
बैठक में मौजूद शांति समिति और अखाड़ा समिति के प्रतिनिधियों ने मोहर्रम पर्व के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। सभी प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर पर्व को शांतिपूर्ण, पारंपरिक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की प्रतिबद्धता जताई।