रांची: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मृतक कर्मी जगन्नाथ मुंडा के परिवार के हित में आवाज उठाई है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संचरण जोन-1 के महाप्रबंधक अनिल कुमार भारतीयंम से मुलाकात कर तीन सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डीजीएम राजीव कुमार भी मौजूद रहे।
संघ के अनुसार, जापुत 132/33 केवी ग्रिड, खूंटी में कार्यरत जगन्नाथ मुंडा की 13 अगस्त 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनके निधन के बाद परिवार के सामने रोजगार और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
आश्रित को रोजगार देने की मांग
संघ ने मांग की है कि मृतक कर्मी के स्थान पर परिवार की सहमति से उनके भांजे बॉबी बेदिया अथवा उनकी बहन प्रियंका हास्सा को काम का अवसर दिया जाए। इसके अलावा मृतक कर्मी के EPF की राशि जल्द जारी करने की भी मांग की गई है।
संघ ने यह भी मांग रखी कि भविष्य में किसी दैनिक वेतनभोगी या आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिवार या वैध आश्रित से सहमति/NOC लिए बिना उसके स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को नियोजित नहीं किया जाए।
‘परिवार की अनदेखी स्वीकार नहीं’
अजय राय ने कहा कि किसी कर्मी की मौत केवल उसकी नौकरी खत्म होने का मामला नहीं है, बल्कि उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में विभाग और आउटसोर्स एजेंसी की जिम्मेदारी है कि मृतक के परिवार से संवाद कर उसके आश्रितों के हितों का ध्यान रखा जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जगन्नाथ मुंडा के परिवार से बातचीत तक नहीं की गई। अजय राय ने कहा कि परिवार की सहमति और जानकारी के बिना किसी दूसरे व्यक्ति को काम पर रखना श्रमिक हितों की अनदेखी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतक कर्मी के परिवार के साथ अन्याय हुआ तो संघ मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा। जरूरत पड़ने पर मामले को विभागीय अधिकारियों और सरकार के सक्षम स्तर तक ले जाने की बात भी उन्होंने कही।
संघ ने आउटसोर्स एजेंसियों के लिए ऐसी स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिसमें कर्मी की मृत्यु की स्थिति में आश्रितों की जानकारी, सहमति/NOC, लंबित वेतन, EPF और अन्य देयताओं के निपटारे की प्रक्रिया निर्धारित हो।