देवघर: शारदीय नवरात्र की महासप्तमी के साथ ही देवघर के दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन और भव्य सजावट देखने के लिए पहुंच रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष तैयारी की है। शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में स्टैटिक फोर्स तैनात की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पुलिस की यह व्यवस्था सप्तमी से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य पूजा के दौरान चोरी, छिनतई, छेड़खानी और अन्य अप्रिय घटनाओं पर रोक लगाना तथा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखना है।
प्रमुख पूजा पंडालों में तीन से चार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
देवघर के एसडीपीओ कुलदीप कुमार के अनुसार, शहर के चिह्नित पूजा पंडालों के आसपास स्टैटिक फोर्स की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक स्थान पर तीन से चार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो चार से पांच दिनों तक संबंधित पंडाल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
पुलिस के साथ पूजा समितियों की ओर से नियुक्त वॉलंटियर भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। इससे भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सहायता करने में मदद मिलेगी।
संवेदनशील इलाकों पर भी रहेगी नजर
दुर्गापूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। एसडीपीओ ने बताया कि जिन स्थानों पर असामाजिक गतिविधियों या शराबियों के जमावड़े की आशंका है, वहां भी जवानों की तैनाती की जाएगी।
पुलिस का जोर इस बात पर है कि पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस बल की गई मांग
जिले में पुलिसकर्मियों की संख्या सीमित होने के बावजूद दुर्गापूजा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। एसडीपीओ कुलदीप कुमार के मुताबिक, अतिरिक्त जवानों की तैनाती से विभिन्न पूजा पंडालों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ की स्थिति का आकलन कर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
देवघर में 1,500 से 1,800 पुलिसकर्मी तैनात
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देवघर जिले में फिलहाल करीब 1,500 से 1,800 पुलिसकर्मी तैनात हैं। दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त बल की मांग की गई है।
पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि पूजा से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक कानून-व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां दुर्गा के दर्शन कर सकें।