पटना: नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद बिहार में गंडक नदी का जलस्तर कई स्थानों पर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। इस दौरान तटबंधों की सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों में कार्रवाई में कथित लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं पर जल संसाधन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने कुल 8 अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित
जल संसाधन विभाग ने 7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। निलंबित अभियंताओं में छपरा, गोपालगंज और आसपास के क्षेत्रों में तैनात अधिकारी शामिल हैं।
निलंबित अधिकारियों में संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, छपरा; मो. साजिद इकबाल, कार्यपालक अभियंता, गोपालगंज; सुनील कुमार और विनोद कुमार, सहायक अभियंता, छपरा; मो. जावेद अंसारी, सहायक अभियंता, गोपालगंज; चंद्रशेखर कुमार, कनीय अभियंता, छपरा और विकास कुमार, कनीय अभियंता, गोपालगंज शामिल हैं।
मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता पर भी विभागीय कार्रवाई
विभाग ने मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। उन पर चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद आकस्मिक स्थिति से निपटने में शिथिलता और लापरवाही बरतने का आरोप है।
गंडक नदी ने कई जगह पार किया रिकॉर्ड स्तर
नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते गंडक नदी का जलस्तर बिहार के बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में अपने पुराने उच्चतम स्तर को पार कर गया था। इन सभी स्थानों पर नदी नए रिकॉर्ड उच्चतम स्तर तक पहुंची।
अचानक बढ़े जलप्रवाह के कारण गंडक के तटबंधों पर भी दबाव बढ़ा और कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए।
वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किया स्थल निरीक्षण
क्षतिग्रस्त तटबंधों का वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आकस्मिक कार्य योजना के तहत तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
विभाग के अनुसार, स्थानीय स्तर पर तैनात कुछ अभियंताओं ने आकस्मिक कार्य योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई। इसी आधार पर उनके खिलाफ जांच और अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है।
अब तेजी से घट रहा गंडक का जलस्तर
बाढ़ की स्थिति के बाद अब गंडक नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। सारण के रेवाघाट में नदी का जलस्तर अपने उच्चतम स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आ चुका है और अब खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है।
वहीं वैशाली के लालगंज में जलस्तर अपने नए उच्चतम स्तर से 130 सेंटीमीटर घट चुका है। हालांकि यहां नदी अभी भी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है, लेकिन जलस्तर लगातार कम हो रहा है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में इसके खतरे के निशान से नीचे आने की संभावना है।
तटबंधों पर अब नहीं है जल दबाव
जल संसाधन विभाग के मुताबिक फिलहाल तटबंधों पर पानी का दबाव नहीं है। सीपेज और पाइपिंग की समस्या भी समाप्त हो गई है। जहां तटबंध टूटे थे, वहां पर्याप्त सामग्री का स्टॉक किया गया है और कट-एंड को सुरक्षित करने के साथ टैगिंग का काम जारी है
लापरवाही पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आपदा जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में ड्यूटी के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने कहा है कि भविष्य में भी यदि किसी अधिकारी या अभियंता की ओर से कार्य में शिथिलता सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।