हाजीपुर। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच वैशाली जिला प्रशासन ने सारण जिले के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी है। जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने शुक्रवार को राहत सामग्रियों से भरे 5 ट्रकों को सारण के लिए रवाना किया। इन ट्रकों के माध्यम से 11,000 अतिरिक्त पॉलीथीन शीट और 1,348 ड्राई राशन पैकेट भेजे गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, सारण के मकेर प्रखंड सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए यह राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। पॉलीथीन शीट का इस्तेमाल प्रभावित परिवार अस्थायी आश्रय और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने के लिए कर सकेंगे, जबकि ड्राई राशन पैकेट से तत्काल खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वैशाली जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत और जरूरी सहायता पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को राहत सामग्री के प्रेषण में तेजी बरतने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सामग्री जल्द से जल्द निर्धारित माध्यम से प्रभावित परिवारों तक पहुंचे।
रातभर रिंग बांध पर डटी रहीं डीएम
इधर, लालगंज प्रखंड के यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर स्थित वार्ड संख्या-5 में रिंग बांध में बीते बुधवार की रात रिसाव और कटाव की सूचना मिलने के बाद जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह तत्काल मौके पर पहुंचीं। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच उन्होंने पूरी रात मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी की।
डीएम की निगरानी में रिसाव और कटाव को नियंत्रित करने के साथ रिंग बांध को मजबूत करने का काम तेज किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य करीब सुबह 4 बजे तक पूरा कराया गया। इसके बाद प्रभावित स्थल की स्थिति को नियंत्रित और सुरक्षित बनाने की कार्रवाई की गई।
गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि और कटाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। पदाधिकारियों और तकनीकी टीमों को रिंग बांध की स्थिति पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य बांध के सुदृढ़ीकरण की मॉनिटरिंग भी जिला पदाधिकारी द्वारा की जा रही है।
वैशाली जिला प्रशासन का कहना है कि अपने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ जरूरत के अनुसार अन्य प्रभावित जिलों को भी मानवीय आधार पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।