नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश और मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा बढ़ा दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में हुई चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे।
चुनाव आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इसके बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची 16 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
वहीं, मेघालय में अंतिम मतदाता सूची 26 अक्टूबर को जारी की जाएगी। आयोग ने दोनों राज्यों में SIR की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए संशोधित समय-सारिणी जारी की है।
16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा SIR
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, फिलहाल SIR का तीसरा चरण 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। इसमें दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक, नागालैंड, झारखंड, त्रिपुरा, मेघालय और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और अपात्र मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।
SIR प्रक्रिया में कुछ अहम बदलाव
SIR को लेकर उठ रहे सवालों के बीच निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया से जुड़े कुछ बदलाव भी किए हैं। अब मतदाताओं को SIR फॉर्म में किसी विसंगति के संबंध में चुनाव अधिकारियों के समक्ष सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
इसके अलावा, जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाताओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म-6 भरते समय पिछली मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान दर्ज माता-पिता के विवरण से संबंधित घोषणा मांगने की व्यवस्था भी नहीं होगी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाना और पात्र मतदाताओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाना है।