रांची: राजधानी रांची के छोटा घाघरा इलाके की रहने वाली 37 वर्षीय मोनिका कच्छप को नौकरी दिलाने के नाम पर दुबई भेजने के बाद कथित तौर पर बंधक बनाकर घरेलू काम कराने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि विदेश पहुंचने के बाद मोनिका का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे अलग-अलग घरों में काम करने के लिए भेजा गया। भारत लौटने की इच्छा जताने पर कथित तौर पर धमकी भी दी गई। बेटी की सुरक्षित वापसी के लिए उसकी मां रतना कच्छप ने पुलिस और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।
नौकरी, भोजन और रहने की सुविधा का दिया था भरोसा
मां की शिकायत के अनुसार, मोनिका विदेश में नौकरी की तलाश में थी। इसी दौरान ऑनलाइन माध्यम से AMD Trend Solution LLC नामक एजेंसी और उसकी कथित एजेंट प्रियंका से संपर्क हुआ। मोनिका को विदेश में नौकरी के साथ भोजन और रहने की सुविधा देने का भरोसा दिया गया।
शिकायत में बताया गया है कि 22 अप्रैल 2026 को मोनिका ने प्रियंका के बताए खाते में फोनपे के जरिए 5 हजार रुपये भेजे थे। इसके बाद 5 मई को वह दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए रवाना हुई। 6 मई को शारजाह पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजे गए वाहन के चालक ने कथित तौर पर उसका मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया।
अरबी भाषा के दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
परिवार की शिकायत के मुताबिक, 7 मई को मोनिका को अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया। वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नामक लोगों ने कथित तौर पर अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर उससे हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान कराया। मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी।
शिकायत में यह भी आरोप है कि उसका मोबाइल फोन लेकर प्रियंका के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत डिलीट कर दी गई। बाद में वीडियो कॉल के जरिए उसे कथित तौर पर बताया गया कि उस पर 2600 दिरहम का कर्ज है। रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
अलग-अलग घरों में कराया गया काम
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया, जहां करीब एक महीने तक उससे झाड़ू-पोछा, बर्तन और बाथरूम साफ कराने का काम कराया गया। इसके बाद 22 जून को उसे बिना वैध वर्क परमिट के एक घर में देखभाल के काम के लिए भेजे जाने का आरोप है।
भाषा की परेशानी के कारण अगले दिन उसे वापस एजेंसी कार्यालय छोड़ दिया गया। इसके बाद जुलाई में भी उसे दूसरे घरों में काम के लिए भेजे जाने की बात शिकायत में कही गई है। परिवार का आरोप है कि भाषा नहीं समझ पाने के कारण मोनिका को मानसिक परेशानी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
मां की बीमारी का हवाला देकर मांगी वापसी
शिकायत के अनुसार, मोनिका ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर भारत लौटने की इच्छा जताई। आरोप है कि इस पर उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और कंपनी के खाते में रकम जमा किए बिना वापस नहीं जाने देने की बात कही गई।
परिवार का आरोप है कि मोनिका को धमकाया गया कि उसे दुबई में ही रहना पड़ेगा और उसे कोई काम नहीं मिलेगा।
29 सितंबर को दर्ज हुई प्राथमिकी
मोनिका की मां रतना कच्छप की शिकायत पर 29 सितंबर 2026 को रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में नौकरी के नाम पर कथित धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन श्रम कराने और रंगदारी मांगने समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में प्रियंका, रितेश, मोहम्मद मेराज अंसारी और AMD Trend Solution LLC से जुड़े अन्य प्रबंधकों को आरोपी बनाया गया है।
विदेश मंत्रालय से मदद की मांग
परिवार ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय के माध्यम से मोनिका को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। एयरपोर्ट थाना प्रभारी पंकज के अनुसार, मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय को पत्र के माध्यम से दी गई है और दिल्ली से भी मदद मांगी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।