लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के निधन के बाद शनिवार को लखनऊ के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी अपार्टमेंट में नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।
अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी के पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखा और चरणों में नमन कर अंतिम विदाई दी। इस दौरान वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भावुक नजर आए।
दयाशंकर सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी रामगोविंद चौधरी के आवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
रामगोविंद चौधरी के निधन पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी है।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था सफर
रामगोविंद चौधरी ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। वर्ष 1977 में चिलकहर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने। इसके बाद वह लंबे समय तक बलिया और पूर्वांचल की राजनीति में सक्रिय रहे। विभिन्न चुनावों में वह कुल आठ बार विधानसभा के लिए चुने गए।
उन्होंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2017 से 2022 तक वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
बलिया से लखनऊ तक शोक
रामगोविंद चौधरी का राजनीतिक जीवन बलिया से गहराई से जुड़ा रहा। उनके निधन की खबर के बाद बलिया से लेकर लखनऊ तक पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से श्रद्धांजलि और शोक संदेश सामने आए हैं। रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ के एसजीपीजीआई में उपचार के दौरान निधन हुआ था। वह करीब 74 वर्ष के थे।