रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। MBBS की सीटें 180 से बढ़कर 250 होने के बाद अब PG और पोस्ट-PG सीटों में भी बढ़ोतरी की तैयारी है। इसे लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

नेपाल हाउस मंत्रालय में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिम्स की विभिन्न विकास योजनाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में PG सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 और पोस्ट-PG सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मंजूरी के बाद रिम्स में MBBS की सीटें बढ़कर 250 हो गई हैं। सीटों में इस वृद्धि के अनुरूप पुराने IPD, OPD और एकेडमिक ब्लॉक के रेनोवेशन और विस्तार की भी योजना बनाई जा रही है। इन कार्यों का प्रस्ताव सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत भेजा जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 380 करोड़ रुपये है।
इसके साथ ही रिम्स के नॉर्थ और साउथ कैंपस में स्थित हॉस्टल और क्वार्टर के रेनोवेशन पर भी चर्चा हुई। वहीं, PPP मोड के तहत PG और पोस्ट-PG हॉस्टल के साथ स्टेडियम कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मरीजों के एडमिशन-डिस्चार्ज पर भी सख्ती
बैठक में रिम्स में मरीजों के एडमिशन और डिस्चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट SOP तैयार करने को कहा, ताकि मरीजों को जरूरत के मुताबिक समय पर इलाज और बेड उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे मरीज लंबे समय तक भर्ती रहते हैं, जिन्हें लगातार इन-पेशेंट देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। इससे गंभीर और जरूरतमंद मरीजों के लिए बेड उपलब्ध कराने में परेशानी होती है। इसलिए डिस्चार्ज के लिए स्पष्ट चिकित्सकीय मानदंड तय करने और इलाज की आवश्यकता समाप्त होने पर मेडिकल सलाह के अनुसार मरीजों को समय पर डिस्चार्ज करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा सही रेफरल सिस्टम के जरिए मरीजों को रिम्स भेजने और बिना रेफरल आने वाले मरीजों की भर्ती व्यवस्था को जरूरत के अनुसार रेगुलेट करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा समेत स्वास्थ्य विभाग और रिम्स के कई अधिकारी मौजूद रहे।