Shikhar Samvad

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जेएसएलपीएस कर्मियों का आंदोलन मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

रांची: झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के राज्य कमिटी के निर्णय के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 13 अगस्त से काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराने के साथ होगी।

संघ के अनुसार 13, 14 और 16 अगस्त को कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 18 अगस्त को JSLPS के राज्य कार्यालय, स्मार्ट सिटी धुर्वा, रांची के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की मांगों से संबंधित संलेख मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, JSLPS को सौंपा जाएगा।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

संघ ने स्पष्ट किया है कि अगर निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्य कमिटी के निर्णय के अनुसार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

इस संबंध में संघ की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को आंदोलन की सूचना दी जा चुकी है।

450 रुपये प्रतिदिन मानदेय का मुद्दा

संघ के महासचिव भरत उरांव, अध्यक्ष श्याम लाल पासवान, सचिव रिंकू कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग का न्यूनतम मानदेय 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने और उन्हें मानव संसाधन नियमावली के लेवल L-8 में शामिल करने की मांग शामिल है।

संघ का दावा है कि JSLPS में इस संवर्ग के करीब 240 कर्मचारी हैं। इनमें से 8 ऑफिस अटेंडेंट को वर्षों पहले HR नियमावली के L-8 में शामिल कर 18 हजार से 25 हजार रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि शेष 232 कर्मचारियों को 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से केवल कार्य दिवस का मानदेय मिलता है।

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें अवकाश की सुविधा भी नहीं मिलती और महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश का लाभ भी नहीं दिया जाता। संघ का कहना है कि करीब 10 वर्षों तक सेवा देने के बावजूद कर्मचारियों का स्थायी समायोजन नहीं किया गया है।

महासंघ ने भी सरकार से की मांगों पर कार्रवाई की अपील

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने कहा कि महासंघ कई बार मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से वार्ता कर चुका है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

उन्होंने कहा कि मॉडल HR मैनुअल में भी इन पदों का उल्लेख है, इसके बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई। महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मॉडल HR मैनुअल के आधार पर इन कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ FTE किए जाने और स्थायी समायोजन की दिशा में कार्रवाई की जाए।

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