नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट हटाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि यदि सरकार किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी पोस्ट को हटाने का निर्देश देती है, तो उसे तीन घंटे के भीतर उस पोस्ट को हटाना होगा।

केजरीवाल ने अपने पोस्ट में Gen Z के आंदोलन का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि Gen Z के आंदोलन के बाद से सरकार को डर लगने लगा है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जितना लोगों की आवाज दबाएगी, लोगों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
केजरीवाल ने क्या कहा?
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार की कथित नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे लोगों की आवाज और सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा। उन्होंने सरकार पर आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
हालांकि, सोशल मीडिया कंटेंट हटाने से जुड़े नियमों और तीन घंटे की समयसीमा को लेकर केजरीवाल के दावे की आधिकारिक स्थिति और संबंधित कानूनी प्रावधानों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। केजरीवाल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल जहां इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ सकते हैं, वहीं सरकार की ओर से नियमों को लेकर अलग पक्ष सामने रखा जा सकता है।