रांची: झारखंड के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले में बड़े अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है और सीआईडी जांच को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ट्रेजरी घोटाले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों और सिपाहियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि डीएसपी, एसपी और ट्रेजरी अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। उनका आरोप था कि एसआईटी की जांच पूरी होने से पहले ही सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को क्लीन चिट देने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि करीब 10 हजार करोड़ रुपये का हिसाब ट्रेजरी में नहीं मिल रहा है। ऐसे में सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने सीआईडी की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच के बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप था कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर जांच एजेंसियों को उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे जांच प्रभावित हुई।

प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि इस कथित घोटाले के तार कई राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। इसलिए मामले की जांच राज्य की एजेंसी के बजाय सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो यह मामला चारा घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।
भाजपा ने राज्य सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, इस मामले पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।