पटना: बिहार में डेंगू और चिकनगुनिया नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की रणनीति असर दिखा रही है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंगलवार को विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बताया कि 6 जुलाई 2026 तक राज्य में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है और चिकनगुनिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

बैठक में फॉगिंग अभियान, मच्छर नियंत्रण, सर्विलांस, जांच व्यवस्था, दवा एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, अस्पतालों की तैयारियों और जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश के मौसम को देखते हुए सभी जिलों में रोकथाम, जांच और उपचार की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए।
लगातार घट रहे डेंगू के मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले तीन वर्षों में डेंगू के मामलों और मौतों में लगातार कमी दर्ज की गई है।
2023: 20,224 मामले, 74 मौतें
2024: 10,155 मामले, 16 मौतें
2025: 3,902 मामले, 2 मौतें
2026 (6 जुलाई तक): 176 मामले, शून्य मौत
चिकनगुनिया पर भी नियंत्रण
2024: 520 मामले
2025: 45 मामले
2026 (6 जुलाई तक): एक भी मामला नहीं
पटना में भी स्थिति बेहतर
राजधानी पटना में भी डेंगू के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
2023: 8,600 मामले
2024: 5,033 मामले
2025: 1,817 मामले
2026 (6 जुलाई तक): केवल 47 मामले, कोई मौत नहीं
318 फॉगिंग मशीनें सक्रिय

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें संचालित की जा रही हैं। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, नालंदा, पटना और भागलपुर जैसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त मशीनें तैनात की गई हैं। मच्छर नियंत्रण के लिए टेक्निकल मैलाथियान की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
जांच और इलाज की पूरी तैयारी
सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में NS1 ELISA और IgM ELISA जांच किट उपलब्ध हैं। जिला अस्पतालों के लिए 62 NS1 ELISA किट का बफर स्टॉक रखा गया है, जबकि 200 अतिरिक्त किट की मांग भी भेजी गई है।
जुलाई बना ‘एंटी-डेंगू माह’
स्वास्थ्य विभाग पूरे जुलाई महीने को ‘एंटी-डेंगू माह’ के रूप में मना रहा है। सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने की अपील की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सरकार वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और जनभागीदारी के कारण राज्य में डेंगू और चिकनगुनिया पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। साथ ही लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने की अपील की।