Shikhar Samvad

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स्वास्थ्य मंत्री निशांत का एलएनजेपी अस्पताल में औचक निरीक्षण लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

पटना: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने मंगलवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का औचक निरीक्षण कर मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण की शुरुआत ट्रॉमा सेंटर से की, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज और सुविधाओं का फीडबैक लिया। वार्ड, ओपीडी और शौचालयों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने साफ-सफाई की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई। साथ ही ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य पैथोलॉजी जांच में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल में 24 घंटे पैथोलॉजी सेवा शुरू करने तथा लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने कई चिकित्सकों को बिना एप्रन के कार्य करते पाया, जिस पर ड्रेस कोड का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने दवा वितरण केंद्र, एमआरआई केंद्र और निर्माणाधीन 400 बेड वाले नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया। बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि नया भवन अगस्त 2026 तक तैयार हो जाएगा और सितंबर 2026 से संचालन शुरू होने की संभावना है।

मरीजों की शिकायत पर ओपीडी में खराब पड़े एयर कंडीशनर को तत्काल ठीक कराने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए कैंटीन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

निरीक्षण के बाद हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ समेत अन्य रिक्त पदों की सूची जल्द विभाग को भेजने का निर्देश दिया ताकि नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया तेज की जा सके।

इस दौरान बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए वरिष्ठ सर्जन डॉ. आर.के. रौशन को विभागीय स्तर पर शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। वहीं, मरीज को बाहरी जांच लिखने की शिकायत पर न्यूरोसर्जन डॉ. श्याम किशोर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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