रांची: झारखंड को नशामुक्त राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रतिबंधित मादक पदार्थों, नशे के कारोबार और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत सोमवार को की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रालय परिसर से जागरूकता प्रचार-वाहनों को हरी झंडी दिखाकर इस विशेष अभियान का शुभारंभ किया।

नशे के खिलाफ चलेगा व्यापक जनजागरण अभियान
सरकार द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना है। जागरूकता रथ राज्य के विभिन्न जिलों में पहुंचकर लोगों को नशे से दूर रहने तथा अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को देने के लिए प्रेरित करेंगे।
सूचना देने वालों को मिलेगा नकद पुरस्कार
अभियान के तहत नशे के कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध अफीम की खेती की सूचना देने वाले मुखबिरों के साथ-साथ कार्रवाई में सहयोग करने वाले सरकारी कर्मियों को नकद पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। सूचना की गुणवत्ता और कार्रवाई की सफलता के आधार पर 3 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
जनभागीदारी से नशे के नेटवर्क पर होगी कार्रवाई
राज्य सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस अभियान से नशे के अवैध कारोबार और अफीम की खेती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
नशामुक्त झारखंड की ओर सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की प्राथमिकता है। जागरूकता, जनसहभागिता और सख्त कार्रवाई के माध्यम से झारखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह अभियान राज्य में नशे के खिलाफ एक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेगा।