गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन से छह वर्ष तक की उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए अभिभावकों से बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बचपन को सुरक्षित और मजबूत बनाना ही देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।

रविवार को गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में 926 करोड़ रुपये की लागत वाली 226 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुपोषण मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस अभियान का लाभ आने वाले समय में प्रदेश के करीब दो करोड़ बच्चों तक पहुंचेगा।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई गर्भावस्था के दौरान ही शुरू होनी चाहिए। जब मां स्वस्थ होगी तभी स्वस्थ बच्चे का जन्म होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती एक हजार दिन उसके भविष्य की नींव तैयार करते हैं। इस अवधि में उचित पोषण और देखभाल से एक सशक्त पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है।
दो करोड़ बच्चों को मिल रहा लाभ
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा और बाल वाटिका कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यहां बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ अक्षर ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षा और स्कूल जैसा वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे करीब दो करोड़ बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रयागराज से टेक होम राशन (टीएचआर) योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत प्रदेशभर में चार हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न विकास खंडों में प्लांट स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक खाद्य सामग्री तैयार की जा रही है।
सुपोषित बचपन से बनेगा मजबूत राष्ट्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का भविष्य होता है। इसलिए बच्चों के पोषण, शिक्षा और समग्र विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुपोषित और शिक्षित बचपन ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा।