रांची :अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के सफल आयोजन को लेकर झारखंड में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड की ओर से 21 जून को राज्यभर में व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में नामकुम स्थित आरसीएच कॉन्फ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

राज्यभर के सार्वजनिक स्थलों पर होगा सामूहिक योगाभ्यास
एनएचएम के अभियान निदेशक सह निदेशक आयुष शशि प्रकाश झा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, पार्कों, वृद्धाश्रमों, छात्रावासों, पुलिस स्टेशनों, सदर अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और चिकित्सा महाविद्यालयों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के तहत सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा।
‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ होगी इस वर्ष की थीम
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियों की रोकथाम तथा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में योग की भूमिका को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी।
योग को जन-आंदोलन बनाने पर जोर:
शशि प्रकाश झा ने कहा कि योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए जनप्रतिनिधियों, झारखंड पुलिस, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एनसीसी, स्कूली बच्चों, स्वयंसेवी संस्थाओं, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, आंगनबाड़ी सेविकाओं, स्वास्थ्यकर्मियों, खेल प्रतिभाओं और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यालयों में बढ़ावा मिलेगा Y-Break प्रोटोकॉल को
बैठक के दौरान कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए वाई-ब्रेक (Y-Break)
प्रोटोकॉल को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों का मानना है कि कम समय के योगाभ्यास से कर्मचारी तनावमुक्त रहेंगे और उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।
स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे
योग दिवस के अवसर पर राज्यभर में सिकल सेल और ब्लड कोषांग की ओर से भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर लोगों की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना है।