देवघर: धार्मिक नगरी देवघर में गुरुवार से सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडरा सकता है। नगर निगम के लगभग 500 सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों के इस फैसले के बाद शहर में कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

हड़ताल से पहले कर्मचारियों ने बुधवार शाम शहर में रैली निकालकर अपनी एकजुटता दिखाई और आंदोलन की रूपरेखा तय की। संगठन के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक कोई भी कर्मचारी सफाई कार्य में हिस्सा नहीं लेगा। सफाई कर्मचारी संघ के अनुसार उनकी प्रमुख मांगों में वर्षों से लंबित भविष्य निधि (पीएफ) की राशि का भुगतान, हर महीने की 10 तारीख तक नियमित वेतन और दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि कई बार निगम प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। यदि हड़ताल लंबी चली तो शहर के विभिन्न वार्डों में कचरे का उठाव प्रभावित हो सकता है। रोजाना बड़ी मात्रा में निकलने वाले कचरे के जमा होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और स्वच्छता व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं नगर निगम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। डिप्टी मेयर ने सफाईकर्मियों से हड़ताल समाप्त कर वार्ता के जरिए रास्ता निकालने की अपील की है। अब सभी की निगाहें निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो देवघर की सफाई व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर सकती है.