Shikhar Samvad

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हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए सीएम सख्त सप्लाई समय बढ़ाने का निर्देश

पेयजल शिकायतों के समाधान में अब AI की मदद, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

30 जून तक जरूरत वाले क्षेत्रों में नए चापाकल लगाने का आदेश

हर 2-3 महीने पर पंचायतवार जल गुणवत्ता जांच होगी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

सप्लाई समय बढ़ाने, AI आधारित शिकायत समाधान और जल गुणवत्ता की नियमित जांच पर जोर

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में शुद्ध पेयजल की निरंतर एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मंगलवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर घर नल का जल” योजना के तहत लोगों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, जलापूर्ति व्यवस्था, रख-रखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

पेयजल सप्लाई का समय बढ़ेगा

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि “हर घर नल का जल” योजना के तहत सुबह और शाम पेयजल आपूर्ति की अवधि को एक-एक घंटा और बढ़ाया जाए ताकि सभी लोगों को लगातार पानी उपलब्ध हो सके।

शिकायतों के समाधान में AI का उपयोग

पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और AI आधारित सिस्टम के उपयोग पर जोर दिया।

हर 2-3 महीने पर पंचायतवार जल जांच

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक दो से तीन महीने पर पंचायतवार जल गुणवत्ता जांच कराई जाए। वार्ड स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया।

30 जून तक नए चापाकल लगाने का निर्देश

जहां पेयजल की आवश्यकता अधिक है, वहां 30 जून से पहले नए चापाकल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

भू-जल संरक्षण योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने भू-जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और भू-जल स्तर की लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।

विभागीय समीक्षा में क्या हुआ?

बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति और भविष्य की रणनीति की जानकारी दी। जलापूर्ति योजनाओं के संचालन, रख-रखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण और उपभोक्ता सेवाओं की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जलापूर्ति उपकरणों की नियमित मरम्मत और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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