पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित की जाए और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर जल्द कराई जाए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 5, देशरत्न मार्ग स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुल की स्थिति और अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 3 मई की मध्यरात्रि को पुल के एक स्पैन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी। हालांकि प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
घटना के कारणों की जांच के लिए आईआईटी पटना और एनआईटी पटना के विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है, जो तकनीकी प्रतिवेदन तैयार करेगी। वहीं, अनुरक्षण में लापरवाही के आरोप में संबंधित कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।

सरकार ने फिलहाल गंगा नदी पार करने वाले पैदल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए मुफ्त स्टीमर सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। साथ ही, वैकल्पिक मार्ग के रूप में श्रीकृष्ण सेतु (मुंगेर) का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जहां से राष्ट्रीय उच्च पथ के जरिए भागलपुर पहुंचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुंगेर-भागलपुर मार्ग पर यातायात सुचारु रखा जाए और इस सड़क के चार लेन निर्माण कार्य को समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने सभी बड़े पुलों का एसओपी के तहत ऑडिट कराने और मेंटेनेंस में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।
इसके अलावा, गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए चार लेन पुल के निर्माण कार्य को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों छोर पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है और एसडीआरएफ की टीम मौके पर तैनात है।
बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि भागलपुर के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।