रांची :जबलपुर हादसे के बाद रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। डैम और जलाशयों में बोटिंग को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं—सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में बोटिंग सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।

साफ निर्देश है—
बिना लाइफ जैकेट किसी भी सूरत में बोटिंग नहीं होगी। नियम तोड़ने वाले बोट ऑपरेटरों पर सख्त कार्रवाई तय है।
जिला प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए “वॉटर ट्रांसपोर्ट एक्शन ग्रुप” बनाने का निर्देश दिया है, जो किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत रिस्पॉन्स देगा। इसके साथ ही मौसम पर लगातार नजर रखने और खराब मौसम में बोटिंग पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। अब हर नाव के लिए वैध फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा। बिना फिटनेस वाली नौकाएं नहीं चलेंगी। सभी बोटिंग स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
प्रशासन ने बोट ऑपरेटरों के नशापान पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। अगर कोई संचालक नशे में पाया गया, तो उसका लाइसेंस निलंबित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा पर खास फोकस:
उपायुक्त ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से विशेष अपील की है—बच्चों को लाइफ जैकेट सही तरीके से पहनाएं और उसकी बेल्ट अच्छी तरह बांधें। बोटिंग के दौरान तेज रफ्तार, स्टंटबाजी और लापरवाही पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—
पर्यटन के साथ सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। नियम मानिए, सुरक्षित बोटिंग का आनंद लीजिए।