दिल्ली: राजधानी में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती और बढ़ा दी गई है। रेखा गुप्ता सरकार अब चालान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, समयबद्ध और कड़ा बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई व्यवस्था का ऐलान करते हुए कहा कि अब अगर कोई व्यक्ति एक साल में 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जा सकता है या उसे वाहन चलाने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रैफिक चालान को कोर्ट में चुनौती देने से पहले चालान की 50% राशि जमा करना अनिवार्य होगा। पहले बिना भुगतान के भी कोर्ट में चुनौती दी जा सकती थी, लेकिन अब यह रास्ता बंद कर दिया गया है।

डिजिटल और मॉडर्न सिस्टम:
नई व्यवस्था के तहत चालान जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह आधुनिक होगी। पुलिस अब फिजिकल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक चालान भी जारी करेगी। कैमरों और डिजिटल निगरानी के जरिए ऑटोमैटिक चालान भी जनरेट होंगे।
जिन वाहन मालिकों का मोबाइल नंबर रजिस्टर है, उन्हें 3 दिनों के भीतर ऑनलाइन चालान मिल जाएगा, जबकि फिजिकल नोटिस 15 दिनों के अंदर भेजा जाएगा। सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे।
45 दिन का नियम:
चालान मिलने के बाद 45 दिनों के भीतर व्यक्ति को या तो भुगतान करना होगा या पोर्टल पर साक्ष्य के साथ उसे चुनौती देनी होगी। अगर इस समयसीमा में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा।
शिकायत निवारण अधिकारी 30 दिनों के भीतर फैसला देगा। अगर चुनौती खारिज होती है, तो 30 दिन में भुगतान या 50% राशि जमा कर कोर्ट जाने का विकल्प होगा।
सख्त कार्रवाई का प्रावधान:
समयसीमा पार होने पर रोजाना इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजे जाएंगे। अगर फिर भी भुगतान नहीं हुआ, तो वाहन से जुड़े सभी काम—जैसे टैक्स, लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन—रोक दिए जाएंगे। वाहन को ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ के रूप में चिह्नित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर नियम तोड़ने वाले वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। सभी चालान वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के नाम पर जारी होंगे। वही सरकार का कहना है कि यह नई प्रणाली सड़क सुरक्षा बढ़ाने, पारदर्शिता लाने और ट्रैफिक अनुशासन मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। दिल्लीवासियों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और समय पर चालान का निपटारा करें।