रांची: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने झारखंड के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “बीमार, निरंकुश और लूट का अड्डा” करार दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के फंड में कथित घपले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है।

दरअसल, सरायकेला जिले में बिजली नहीं होने के कारण मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने और बाद में जच्चा-बच्चा की मौत की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि झारखंड के अस्पतालों की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। कई जगहों पर बिजली, ऑक्सीजन और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद मरीज समय पर इलाज नहीं पा रहे हैं।
दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि NHM के तहत केंद्र से मिलने वाली राशि का राज्य में दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मेडिकल उपकरण और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति बिना टेंडर के “फर्जी कंपनियों” के जरिए कराई जा रही है, जिससे बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय केवल विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरने में लगे हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि NHM के “एक-एक पैसे का हिसाब” राज्य सरकार को देना होगा, क्योंकि यह गरीबों के इलाज के लिए निर्धारित धन है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच ED और CBI से कराने की मांग दोहराई है।