रांची : जिले के निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वृद्धि और आरटीई नामांकन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों के साथ अहम समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम-2017 के तहत शुल्क निर्धारण समिति के पूर्व निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि जिले के 129 निजी स्कूलों में से 92 स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों में फीस वृद्धि के दौरान नियमों का उल्लंघन किया है। उपायुक्त ने संबंधित स्कूलों को इसी शैक्षणिक सत्र में फीस एडजस्टमेंट करने का निर्देश दिया और 15 दिनों के भीतर विस्तृत फी-एडजस्टमेंट प्लान जमा करने को कहा।
बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के 149 CBSE और ICSE स्कूलों में से 20 स्कूलों ने अब तक अभिभावक शिक्षक संघ (PTA) का गठन नहीं किया है। उपायुक्त ने ऐसे स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में अनुपस्थित स्कूलों पर भी जिला प्रशासन ने नाराजगी जताई। उपायुक्त ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने और फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्देश दिया ताकि यह पता चल सके कि स्कूलों का संचालन नियमित रूप से हो रहा है या नहीं।
RTE के तहत 100% नामांकन का निर्देश
बैठक में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत वंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी निजी विद्यालयों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले सत्र में स्कूलों का सहयोग सराहनीय रहा और इस बार भी आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि नामांकन के लिए जल्द ही ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्कूलों को दी गई Census 2027 की जिम्मेदारी
बैठक में CENSUS 2027 के तहत स्वगणना अभियान को लेकर भी जानकारी दी गई। उपायुक्त ने सभी प्राचार्यों से कहा कि वे बच्चों और अभिभावकों को डिजिटल माध्यम से स्वगणना के लिए जागरूक करें। जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि नागरिक (se.census.gov.in) पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार और आवास की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।