मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर से दिया संदेश — “भक्ति के साथ व्यवस्था भी हो दिव्य”
जू सफारी और नेचर सफारी का भी किया निरीक्षण, सिंह शावक का नाम रखा ‘लक्ष्मी’
राजगीर को धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से विश्वस्तरीय केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम
‘द वाइल्ड कॉल’ फिल्म को राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री ने टीम को दी बधाई
राजगीर में मलमास मेला-2026 का भव्य शुभारंभ, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा के सख्त निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को नालंदा जिले के राजगीर में मलमास मेला-2026 का विधिवत उद्घाटन किया। ब्रह्मकुंड परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच उन्होंने प्रमुख संतों के साथ ध्वजारोहण कर मेले का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मलमास मेला आस्था का महासंगम है, जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, आवासन, पेयजल, स्वास्थ्य और यातायात जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
“यह हमारा दायित्व है कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु अच्छी यादों के साथ लौटे।” — मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
स्वास्थ्य शिविर, दीदी की रसोई और आवासन सुविधाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मकुंड के समीप आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया और डॉक्टरों से सेवा भाव से श्रद्धालुओं की मदद करने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने:
स्टेट गेस्ट हाउस में तैयार अस्थायी आवासन स्थल का उद्घाटन किया।
श्रद्धालुओं के लिए सस्ते और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने हेतु “दीदी की रसोई” का शुभारंभ किया।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि मेले के दौरान:
भीड़ प्रबंधन प्रभावी हो,
श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो,
असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखी जाए,
सभी व्यवस्थाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहें।
राजगीर जू सफारी और नेचर सफारी का निरीक्षण
मलमास मेला उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने राजगीर जू सफारी और राजगीर नेचर सफारी का भ्रमण किया।
उन्होंने नियंत्रण कक्ष, वन्यजीव अस्पताल, व्याख्या केंद्र और ग्लास ब्रिज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की।
सिंह शावक का नाम रखा ‘लक्ष्मी’
जू सफारी भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने नवजात सिंह शावक का नाम ‘लक्ष्मी’ रखा।
उन्होंने कहा कि
“पर्यटकों के साथ-साथ वन्य जीवों को भी बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलनी चाहिए।”
‘द वाइल्ड कॉल’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान
राजगीर जू सफारी की एनिमेटेड फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ को 16वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में “सर्टिफिकेट ऑफ एक्सिलेंस” से सम्मानित किया गया।

यह फिल्म शेर और बाघ के शावकों की कहानी के माध्यम से भारत की जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन के संदेश को प्रस्तुत करती है।
धार्मिक आस्था और पर्यटन विकास का संगम
राजगीर में आयोजित मलमास मेला और आधुनिक जू-सफारी बिहार के धार्मिक और पर्यटन विकास की नई पहचान बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को विश्वस्तरीय अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।