नई दिल्ली: 4 मई को होने वाली मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी तैयारी की है। चुनाव आयोग ने 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं, ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में एक से अधिक काउंटिंग हॉल बनाए गए हैं, वहां अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। वहीं पुलिस ऑब्जर्वर मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे। हालांकि आयोग ने साफ किया है कि पुलिस ऑब्जर्वर किसी भी स्थिति में काउंटिंग हॉल के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे।

आयोग के अनुसार, सभी नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20B के तहत की गई हैं। मतगणना के दौरान सभी ऑब्जर्वर चुनाव आयोग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में कार्य करेंगे। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों में प्रवेश को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केवल ECINet के माध्यम से जारी क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र वाले मतगणना कर्मी, उम्मीदवार और एजेंटों को ही प्रवेश मिलेगा। साथ ही काउंटिंग ऑब्जर्वर और निर्वाचन अधिकारी को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक राउंड के बाद फॉर्म 17C-II तैयार किया जाएगा, जिसे काउंटिंग एजेंट्स के साथ साझा किया जाएगा। इसके अलावा हर टेबल पर तैनात माइक्रो ऑब्जर्वर भी परिणामों का अलग से रिकॉर्ड तैयार कर काउंटिंग ऑब्जर्वर को सौंपेंगे, जिससे दोहरा सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके।