रांची: चाईबासा के बाईपास एमडीआर-177 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिख रहा है। 26 अप्रैल से शुरू हुई पदयात्रा चार दिनों तक अलग-अलग इलाकों से गुजरते हुए राजधानी रांची पहुंची। आंदोलनकारियों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी है।

इसी को देखते हुए शहर में नो एंट्री लागू करने की मांग उठाई जा रही है। राजधानी पहुंचे आंदोलनकारियों ने सरकार से साफ तौर पर तीन बड़ी मांगें रखीं। पहली, चाईबासा शहर में तत्काल नो एंट्री लागू किया जाए, दूसरी, आंदोलन में शामिल लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, और तीसरी, सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। 165 किलोमीटर की पदयात्रा के जरिए चाईबासा से राजधानी पहुंचे लोगों ने सरकार को साफ संदेश देने की कोशिश की है कि सड़क सुरक्षा अब उनके लिए बड़ा मुद्दा बन चुका है।