रांची: झारखंड की सियासत और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मरांडी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि विभाग के अभियंताओं को निविदा प्रक्रिया के दौरान बाहरी तत्वों द्वारा लगातार धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले में तत्काल FIR दर्ज करने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और अधिकारियों को सुरक्षित माहौल देने की मांग की है।


आइए एक नज़र डालते है बाबू लाल के सीएम हेमंत को लिखे पत्र के मजमून पर
बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष (पूर्व मुख्यमंत्री)
झारखण्ड
माननीय मुख्यमंत्री,
झारखंड सरकार,
रांची।
विषय: ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित शिकायत पत्र को संलग्न करते हुए उचित कार्रवाई के संबंध में।
आदरणीय महोदय,
मैं आपका ध्यान ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के अभियंताओं द्वारा प्रेषित एक अत्यंत गंभीर शिकायत की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ, जिसकी मूल प्रति इस पत्र के साथ संलग्न (WhatsApp Image 2026-05-03 at 11.38.50 AM.jpeg) है।
उक्त पत्र के माध्यम से विभाग के सहायक एवं कार्यपालक अभियंताओं ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि उन्हें विभागीय कार्यों, विशेषकर निविदा (Tender) निष्पादन के दौरान, बाहरी तत्वों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित और डराया-धमकाया जा रहा है। पत्र के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अशोक नगर, रांची निवासी श्री बब्बू मिश्रा द्वारा निरंतर फोन के माध्यम से निविदाकारों को अनुचित लाभ पहुँचाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है।
- अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा और गाली-गलौज का प्रयोग किया जा रहा है।
- कार्य न करने पर स्थानांतरण (Transfer) और सेवा समाप्ति जैसी गंभीर धमकियाँ दी जा रही हैं।
- परिस्थितियाँ इतनी विकट हो चुकी हैं कि अभियंताओं ने सुरक्षा न मिलने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
महोदय, राज्य के विकास कार्यों में इस प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप और विचौलियों का आतंक न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को पंगु बनाता है, बल्कि यह भ्रष्टाचार को भी सीधी बढ़ावा देता है। यदि सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे कर पाएंगे?
मेरी आपसे मांग है कि:
- संलग्न पत्र में नामित व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विभाग के अधिकारियों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
- निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले बाहरी बिचौलियों को चिन्हित कर उन पर नकेल कसी जाए।
- संलग्न शिकायत पत्र की गंभीरता को देखते हुए अपेक्षित त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा है।
संलग्नक: ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं द्वारा हस्ताक्षरित पत्र की प्रति।
आपका,
(बाबूलाल मरांडी)

अब देखना होगा कि सरकार इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाती है और क्या अभियंताओं को भयमुक्त माहौल मिल पाता है या नहीं।