गोरखपुर: योगी आदित्यनाथ 16 मई को गोरखपुर को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री गोरखपुर में प्रदेश के पांचवें इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। यह स्टेडियम मुख्यमंत्री के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत गोरखपुर को पूर्वांचल का प्रमुख खेल केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में फिलहाल कानपुर और लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मौजूद हैं, जबकि अयोध्या और वाराणसी में नए स्टेडियमों का निर्माण जारी है। गोरखपुर में बनने वाला यह स्टेडियम प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम होगा।
गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर स्थित ताल नदोर क्षेत्र में बनने वाले इस स्टेडियम पर करीब 392.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने परियोजना को 23 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा के अनुसार, इस परियोजना से गोरखपुर-वाराणसी हाईवे कॉरिडोर के विकास को भी नई गति मिलेगी।
करीब 46 एकड़ में बनने वाले इस अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। स्टेडियम की संरचना ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर तैयार की जाएगी। मैदान में 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी।
स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में 14,490-14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। वहीं नॉर्थ पैवेलियन को मीडिया के लिए और साउथ पैवेलियन को वीआईपी एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए विकसित किया जाएगा। रात में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले कराने के लिए चार हाई मास्ट फ्लडलाइट भी लगाई जाएंगी।
लोकेशन के लिहाज से भी यह स्टेडियम बेहद सुविधाजनक होगा। यह गोरखपुर एयरपोर्ट से करीब 24 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रहेगा। फोरलेन हाईवे से सीधा संपर्क होने के कारण यहां पहुंचना आसान होगा।
राज्य सरकार इस परियोजना के लिए 63.39 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही जारी कर चुकी है। फिलहाल भूमि समतलीकरण समेत शुरुआती कार्य शुरू हो चुके हैं। माना जा रहा है कि स्टेडियम तैयार होने के बाद यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के साथ-साथ बड़े खेल और सांस्कृतिक आयोजन भी आयोजित किए जाएंगे।