मनोहरपुर/पश्चिमी सिंहभूम
सारंडा क्षेत्र के लाइलोर गांव के संकु टोला में महज तीन दिनों के भीतर दो महिलाओं की मौत से ग्रामीणों में चिंता और दहशत का माहौल है। दोनों महिलाओं को मौत से पहले सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी और गला सूखने की शिकायत हुई थी। हालांकि, अब तक मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल टीम भेजकर स्थिति की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान लोदमा किम्बो (43) और गीता किम्बो (34) के रूप में हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार बताई जा रही हैं। लोदमा की मौत शुक्रवार को हुई, जबकि गीता ने रविवार दोपहर दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम संकु टोला पहुंची और ग्रामीणों से जानकारी ली। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा कर इलाज करने की बात कही ।
अस्पताल ले जाने के दौरान गीता ने तोड़ा दम
परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात गीता की तबीयत बिगड़ने पर उसे मनोहरपुर सीएचसी लाया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी, जिसके बाद वे उसे रविवार को वाहन से राउरकेला ले गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
राउरकेला में गीता का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उसकी मेडिकल जांच में मलेरिया के लक्षण नहीं मिले थे।
नलकूप से निकलता है लाल पानी, नाला बना ग्रामीणों का सहारा
दो मौतों के बीच गांव की पेयजल व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों के अनुसार, संकु टोला में दो नलकूप हैं। इनमें एक लंबे समय से खराब है, जबकि दूसरे से लाल रंग का पानी निकलता है। ऐसे में ग्रामीण पेयजल समेत कई जरूरतों के लिए नाले पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में नाले के पानी के अलावा नलकूप से निकलने वाले लाल पानी को छानकर भी इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। हालांकि, दोनों महिलाओं की मौत का संबंध दूषित पानी से है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली है। मंगलवार को लगने वाले स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की जांच की जाएगी। वहीं गीता किम्बो की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति कुछ स्पष्ट हो सकेगी।
संकु टोला तक पहुंचने के लिए नाले पर पुल तो बना दिया गया है, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।