रांची: राजधानी रांची में प्रस्तावित RIMS-2 परियोजना फिलहाल जमीन अधिग्रहण विवाद में फंस गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने परियोजना के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती और जिला प्रशासन विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता, तब तक निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ेगा।

आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि 222 एकड़ जमीन अधिग्रहण को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग यह जानना चाहता है कि कितनी जमीन अधिग्रहित की गई, कितने रैयत प्रभावित हुए, कितनों को मुआवजा मिला और भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किया गया।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विरोध नहीं करता, लेकिन आदिवासी किसानों की उपजाऊ जमीन पर अस्पताल निर्माण के बजाय वैकल्पिक स्थान पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। आयोग का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ आदिवासी समुदाय के अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।

बैठक के दौरान आयोग ने बोकारो में बिना ग्रामसभा की अनुमति पेड़ कटाई के मामले पर भी कड़ा रुख अपनाया। संबंधित मामले की जांच के निर्देश देते हुए जांच पूरी होने तक खनन गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई।
अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की रिपोर्ट और आयोग की अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है। इसी के आधार पर तय होगा कि RIMS-2 परियोजना वर्तमान स्थान पर आगे बढ़ेगी या इसके लिए कोई वैकल्पिक समाधान तलाशा जाएगा।