नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुई गंभीर घटना के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। चाकू से हमला किए जाने के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने और विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात की। उन्होंने पायलट के साहस की सराहना करते हुए परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ता दिखाई।
कॉकपिट में हमले के बाद विमान में मची अफरा-तफरी
फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच झड़प हुई। इसी दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया गया। घटना के बाद विमान ने अचानक काफी ऊंचाई खो दी। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान कुछ ही सेकंड में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया था।
घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में यात्रा कर रहे अन्य पायलटों ने बाद में विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में 174 यात्री सवार थे।
फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे उड़ान के दौरान हुआ एक ‘incident’ बताया है। घटना की विस्तृत जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से हमले के मकसद को लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
तबुक के अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर और दूसरे पायलट को सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार स्मित मच्छर की हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें इलाज मिल रहा है। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय कॉन्सुलेट ने भी उनकी स्थिति पर नजर रखने और परिवार के संपर्क में रहने की जानकारी दी है।
नेतन्याहू ने बताया ‘सच्चा हीरो’
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने हिम्मत नहीं छोड़ी और विमान में सवार लोगों को बचाने में मदद की। नेतन्याहू ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पायलट की बहादुरी की सराहना की है। घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर को लेकर भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर?
कैप्टन स्मित मच्छर भारतीय नागरिक हैं और पहले स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने करीब 11 साल स्पाइसजेट में बिताए और बाद में जून 2022 में फ्लाईदुबई के साथ जुड़े। वह बोइंग 737 विमान के कप्तान हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनके पास करीब 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव है।
‘मच्छर’ या ‘मछार’, नाम को लेकर क्यों है चर्चा?
कैप्टन स्मित के उपनाम की हिंदी वर्तनी को लेकर भी सोशल मीडिया और खबरों में अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। अंग्रेजी में उनका नाम Smit Machchhar लिखा गया है। इसी वजह से हिंदी में ‘मच्छर’, ‘मछार’ और ‘माछर’ जैसी वर्तनियां सामने आई हैं।
गुजराती में ‘મચ્છર’ को देवनागरी में सीधे ‘मच्छर’ लिखा जाता है। वहीं ‘મછાર’ का रूप ‘मछार’ और ‘માછર’ का रूप ‘माछर’ होगा। इसलिए केवल अंग्रेजी स्पेलिंग के आधार पर उच्चारण तय करना उचित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में फिलहाल Smit Machchhar वर्तनी प्रमुख रूप से इस्तेमाल की गई है।
परिवार या स्वयं पायलट की ओर से उच्चारण की आधिकारिक पुष्टि सामने आने तक हिंदी में ‘स्मित मच्छर’ लिखना एक सीधा लिप्यंतरण माना जा सकता है।