हाजीपुर/जंदाहा। वैशाली की समृद्ध बौद्ध विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में जंदाहा प्रखंड के धंधुआ गांव में एक सराहनीय पहल सामने आई है। गांव निवासी सेवानिवृत्त कर्मी और प्रसिद्ध चित्रकार सदानंद सिंह ने अपनी कला, आस्था और सामाजिक समर्पण के माध्यम से निजी खर्च से भव्य ‘बुद्ध विहार’ का निर्माण कराया है। नवनिर्मित बुद्ध विहार का विधिवत उद्घाटन बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह और वैशाली थाई मंदिर के प्रधान भिक्षु वेनरेबल डॉ. पी.सी. चंद्रदासी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
सेवानिवृत्ति के बाद कला और समाजसेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य
सदानंद सिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद अपना जीवन कला और समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया। इसी सोच के तहत उन्होंने अपने निजी संसाधनों से बुद्ध विहार को आकार दिया। विहार परिसर में भगवान बुद्ध की मनमोहक प्रतिमा स्थापित की गई है। वहीं इसकी दीवारों पर की गई आकर्षक और कलात्मक चित्रकारी श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों का ध्यान खींच रही है।
मंत्री ने बताया प्रेरणादायक पहल
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि सदानंद सिंह जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपनी कला और आस्था को समाजहित से जोड़कर एक ऐसा कार्य किया है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि धंधुआ गांव में निर्मित यह बुद्ध विहार वैशाली की बौद्ध विरासत को और समृद्ध करने में योगदान देगा।
शांति, ध्यान और ज्ञान का केंद्र बनेगा बुद्ध विहार
वैशाली थाई मंदिर के प्रधान भिक्षु वेनरेबल डॉ. पी.सी. चंद्रदासी ने कहा कि यह बुद्ध विहार सिर्फ पूजा-अर्चना का स्थल नहीं रहेगा, बल्कि शांति, ध्यान और ज्ञान का केंद्र बनेगा। उन्होंने बुद्ध के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में ऐसे स्थलों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु हुए शामिल
बुद्ध विहार के उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्थानीय लोगों और बौद्ध श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान लोगों में उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने सदानंद सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गांव के लिए गौरव और क्षेत्र की बौद्ध परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।