- हर पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव
- रिसर्च और प्लेसमेंट पर फोकस, इंजीनियरिंग छात्रों के लिए खुशखबरी
- “बिहार में पढ़ाई, बिहार में रोजगार”— CM सम्राट चौधरी का विजन
- “तकनीकी शिक्षा में बिहार मॉडल! CM सम्राट चौधरी ने दिया इनोवेशन और रोजगार का मंत्र”
- राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च, प्लेसमेंट और आधुनिक लैब पर होगा विशेष फोकस।
पटना:
बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा विजन पेश किया है। मंगलवार को ‘संकल्प सभागार’ में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तकनीकी संस्थानों में उत्कृष्टता, नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएं, ताकि छात्रों को आधुनिक तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने संस्थानों की उपलब्धियों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्लेसमेंट और छात्रों की सफलता की कहानियों पर आधारित हाई क्वालिटी वीडियो तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक छात्र तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नियमित रूप से कार्यशालाएं, सेमिनार और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएं। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाकर छात्रों को बेहतर औद्योगिक अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सभी तकनीकी संस्थानों में प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, उपकरणों के नियमित उन्नयन और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपडेट रखने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा तकनीकी शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता संवर्द्धन के लिए समर्पित ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “तकनीकी शिक्षा को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि बिहार के बच्चे बिहार में ही पढ़ें और यहीं नौकरी एवं रोजगार प्राप्त करें।”
बैठक में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।