पटना: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बाढ़ की स्थिति, नुकसान और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने बताया कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों को 12 अक्टूबर 2026 से अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन कर जल्द रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
दो चरणों में गंभीर हुई बाढ़ की स्थिति
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष बिहार में बाढ़ की स्थिति दो चरणों में बनी। पहले चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी और पुनपुन नदियों में कई स्थानों पर जलस्तर पिछले रिकॉर्ड से ऊपर पहुंचा।
वहीं, दूसरे चरण में भारी बारिश के कारण गंडक नदी के चार स्थानों पर अब तक के उच्चतम जलस्तर दर्ज किए गए। बाढ़ के दौरान पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण में छह स्थानों पर तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुए।
गाद को बाढ़ की बड़ी वजह बताया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस वर्ष गंगा, गंडक और सोन नदियों में पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक पानी आया। इसके साथ ही नदियों के तल में जमा गाद को भी उन्होंने बाढ़ की गंभीरता बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने गाद प्रबंधन को लेकर नीति तैयार की है।
नुकसान का पूरा आकलन करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने को कहा। आपदा प्रबंधन विभाग को सभी संबंधित विभागों से क्षति और पुनर्स्थापन पर होने वाले खर्च की जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार का जोर राहत के साथ-साथ जलनिकासी के बाद प्रभावित इलाकों में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं से निपटने की तैयारी पर भी है।
12 अक्टूबर से शुरू होगी राहत राशि का वितरण
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों के बीच 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित परिवारों तक राहत और जरूरी सहायता समय पर पहुंच सके।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और आगे की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली।