रांची: झारखंड में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कई डैमों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने के बाद पतरातू, कांके, गोंदा, तेनुघाट, चांडिल और गरगा डैम से पानी की निकासी की जा रही है। प्रशासन ने नदी और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पतरातू डैम के दो गेट खोले गए
रामगढ़ के पतरातू डैम का जलस्तर बढ़कर 1328 आरआरएल तक पहुंच गया। इसके बाद गेट नंबर 4 को चार इंच और गेट नंबर 6 को आठ इंच खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। डैम प्रबंधन पानी की आवक और निकासी पर लगातार निगरानी रख रहा है।
कांके और गोंदा डैम से भी निकासी
रांची के कांके डैम का फाटक नंबर 2 खोलकर पानी की निकासी की गई। वहीं, गोंदा डैम के रेडियल गेट नंबर 2 और 4 से करीब पांच-पांच इंच पानी छोड़ा गया। डैम के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तेनुघाट डैम के छह गेट खुले
बोकारो के तेनुघाट डैम के छह रेडियल गेट खोलकर दामोदर नदी में करीब 9,710 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। जलस्तर बढ़ने के बाद अतिरिक्त गेट खोले गए हैं।
चांडिल डैम के नौ गेटों से पानी छोड़ा गया
सरायकेला-खरसावां स्थित चांडिल डैम का जलस्तर 181 मीटर तक पहुंचने के बाद 13 में से नौ रेडियल गेट खोले गए। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक गेट को एक मीटर तक खोला गया है। इससे स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है।
गरगा डैम का फाटक भी खोला गया
बोकारो के गरगा डैम का जलस्तर 766.6 फीट दर्ज किए जाने के बाद गेट को चार इंच खोलकर पानी की निकासी की गई। लगातार बारिश को देखते हुए डैम की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील
डैमों से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी, डैम और तेज बहाव वाले जलस्रोतों से दूर रहने की सलाह दी गई है। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।