रांची: राजधानी रांची में आज देव स्नान यात्रा के साथ भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा 15 दिनों के अनवसर (एकांतवास) पर चले जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं को भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होंगे।

दोपहर 1 बजे स्नान यात्रा पूजा शुरू होगी, जिसके बाद महाआरती और श्रद्धालुओं द्वारा भगवान का जलाभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर 108 मंगल आरती, जगन्नाथ अष्टकम और श्रीमद्भगवद्गीता पाठ का भी आयोजन होगा।
इस वर्ष भगवान के अभिषेक के लिए 53 पवित्र कलशों की व्यवस्था की गई है। इनमें गंगाजल, अश्वगंधा, मधु, हल्दी, इत्र और अन्य पूजन सामग्री मिलाकर भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। पहले भगवान बलभद्र, फिर माता सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ का अभिषेक होगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार स्नान पूर्णिमा पर अत्यधिक स्नान के कारण भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए वे 15 दिनों तक अनवसर में रहते हैं। इस अवधि में केवल राधा-कृष्ण के दर्शन होंगे। 15 जुलाई को भगवान अनवसर से बाहर आएंगे, जिसके बाद नेत्रोत्सव और फिर भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।