पटना,
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को गंगा, गंडक और कोसी नदी परियोजनाओं, बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना तथा पीएम-कुसुम योजना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाढ़ प्रबंधन, सड़क संपर्क और सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कोसी के लिए दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन रणनीति
कोसी नदी प्रणाली की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोसी एक गतिशील और आपस में जुड़ी नदी प्रणाली है। इसलिए इसके प्रबंधन को केवल वार्षिक बाढ़ प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण की रणनीति के तहत कार्य करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र को बहु-जिला नदी गलियारे के रूप में देखते हुए लोगों, संपत्तियों और कनेक्टिविटी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर समग्र योजना बनाने को कहा। उन्होंने गाद प्रबंधन को प्राथमिकता देने और नए बैराज के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र के शुरुआती 100 किलोमीटर के विशेष डेंजर जोन में डबल शीट पायलिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदियों से गाद निकालने से जल संग्रहण और प्रवाह क्षमता में सुधार किया जा सकता है।
तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने का निर्देश
गंडक नदी से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने की दिशा में भी कार्य करने को कहा। उन्होंने गंगा, कोसी और गंडक नदी क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन के स्थायी समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्थायी राहत देने के साथ-साथ इन नदी क्षेत्रों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे की भी समीक्षा
पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की प्रगति पर चर्चा हुई। इस परियोजना की कुल लंबाई 348.196 किलोमीटर है, जिसमें 336.205 किलोमीटर बिहार तथा लगभग 12 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में है।
इसके अलावा गंगा-अंबिका पथ (बिदुपुर-दिघवारा), नारायणी पथ (दरिहारा-डुमरिया घाट) और विश्वामित्र पथ (बक्सर-आरा-मनेर) की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पीरपैंती और बांका की ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना (3×800 मेगावाट) की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही बांका तापीय विद्युत संयंत्र से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
कृषि फीडरों का होगा सोलराइजेशन
मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन की प्रगति की जानकारी ली और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में भी तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी, आपसी समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि राज्य में जल संसाधन, सड़क कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा सके।